शिमला। सशस्त्र सीमा बल दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र कसुम्पटी में शनिवार को एक दिवसीय कार्यशाला हुई। इसमें रक्तदान और अंगदान के महत्व पर चर्चा की गई। साठ से अधिक जवानों ने कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता उप कमांडेंट संचार नरेंद्र सिंह और सहायक कमांडेंट संचार प्रमोद कुमार ने की। ब्लड सेंटर डीडीयू की गंगा शर्मा ने रक्तदान के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों और प्रसूताओं का जीवन बचाया जा सकता है। रक्त को केवल 35 दिन तक संरक्षित रखा जा सकता है। गंगा शर्मा ने बताया कि रक्तदान दाता के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। यह खून के शोधन, हृदय रोगों के खतरे को कम करने और लीवर की बीमारियों से बचाता है। आईजीएमसी से अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संयोजक नरेश कुमार ने अंगदान पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अठारह वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति अंगदान की प्रतिज्ञा ले सकता है। इसके लिए फॉर्म सात भरना होता है। अंगदान केवल ब्रेन डेड होने की स्थिति में परिजनों की सहमति से संभव है। मृत्यु के बाद केवल आंख का कॉर्निया दान किया जा सकता है। संवाद