शिमला। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पंजाब नेशनल बैंक की एक अपील पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग ऊना (कैंप हमीरपुर) के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें बैंक को एफडी की राशि और मुआवजे का भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे। राज्य आयोग ने मामले को नए सिरे से विचार के लिए जिला आयोग के पास वापस भेज दिया है। सुजानपुर की रहने वाली बमला देवी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके और उनके दिवंगत पति दलीप सिंह के नाम पर पीएनबी में दो एफडी थीं, जो मार्च 2021 में मैच्योर होनी थीं। पति के निधन के बाद जब वह जुलाई 2021 में राशि लेने बैंक गईं तो बैंक ने यह कहते हुए रकम देने से इनकार कर दिया कि एफडी के खिलाफ ऑनलाइन लोन लिया था और धोखाधड़ी के जरिये वह राशि निकाल ली गई। इस मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने पहले उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ बैंक ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की थी। राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंद्र सिंह मेहता और सदस्य योगिता दत्ता की खंडपीठ ने पाया कि मामले से जुड़े कई तथ्यात्मक पहलुओं और साक्ष्यों की पर्याप्त जांच नहीं की थी। आयोग ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड में ऐसे पुख्ता दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं, जिनके आधार पर बिना पूरी छानबीन के अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। संवाद