शिमला। राधा-कृष्ण मंदिर गंज बाजार में आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन बुधवार को श्रीराम के आदर्श चरित्र, धर्मपालन और भक्त वत्सल स्वरूप का वर्णन किया। शाम 4 बजे से शुरू हुई कथा में कथावाचक उमाकांत शास्त्री ने श्रीराम द्वारा विभीषण को शरण देने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम सच्चे मन से शरण में आने वाले किसी भी व्यक्ति का कभी त्याग नहीं करते। रामकथा हमें असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अहंकार पर विनम्रता की विजय का संदेश देती है। सनातन धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि नौ दिवसीय श्रीराम कथा का समापन वीरवार को पूर्णाहुति और महाआरती के साथ होगा। संवाद