शिमला। राजधानी के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में मंगलवार को श्रीराम कथा के सातवें दिन लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग का वर्णन किया गया। इस दौरान कथा व्यास उमा कांत शास्त्री ने हनुमान के संजीवनी बूटी लाने और लक्ष्मण के पुनर्जीवन की कथा सुनाई। शास्त्री ने बताया कि मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने पर पूरी वानर सेना शोक में डूब गई थी। ऐसे कठिन समय में हनुमान ने साहस, निष्ठा और राम के प्रति भक्ति का परिचय दिया। उन्होंने द्रोणगिरि पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हनुमान बल के साथ बुद्धि, विनम्रता और समर्पण के प्रतीक हैं। सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि कथा के दौरान भजनों और संकीर्तन से वातावरण भक्तिपूर्ण हो गया। संवाद