रोहड़ू। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश डोगरा ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किसका वोट चोरी हुआ है। पार्टी संबंधित मतदाता का नाम, मतदान केंद्र और प्रमाण सार्वजनिक करे। केवल राजनीतिक नारेबाजी के आधार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। डोगरा ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाया गया है, तो उसे नियमानुसार दोबारा जोड़ा जाना चाहिए। वहीं, मृत व्यक्तियों के नाम, दोहरी प्रविष्टियों और अन्य अपात्र नामों की जांच कर मतदाता सूची को शुद्ध करना ‘वोट चोरी’ कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का गठन भी इसी निर्वाचन व्यवस्था के तहत हुए चुनावों के परिणामस्वरूप हुआ है। ऐसे में कांग्रेस को बताना चाहिए कि जिस निर्वाचन व्यवस्था से मिले जनादेश को उसने स्वीकार किया, उसी व्यवस्था पर सवाल उठाने के पीछे उसका आधार क्या है। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाता का एक भी वोट नहीं कटना चाहिए, लेकिन अपात्र नामों को मतदाता सूची में बनाए रखने की जिद भी उचित नहीं है। निर्वाचन आयोग से सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आरोपों के समर्थन में प्रमाण देना भी जरूरी है। डोगरा ने कहा कि कांग्रेस को ‘वोट चोरी’ का राजनीतिक शोर मचाने के बजाय तथ्य सामने रखने चाहिए। लोकतंत्र नारों से नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शिता और प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा से मजबूत होता है।