हिमाचल और पंजाब के टैक्सी चालकों में पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटर्स ने प्रदेश सरकार से मध्यस्थता की मांग की है। इसे लेकर मंडी के संस्कृति सदन में राज्य स्तरीय बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश की चार बड़ी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की। पहली बार 100 से ज्यादा यूनियन के सदस्य एक मंच पर एकत्रित हुए और पूरे विवाद पर गहन मंथन किया।
ऑल हिमाचल टैक्सी एसोसिएशन के पूर्व चैयरमैन 90 वर्षीय जीत राम ने सबसे पहले प्रदेश में राज्य स्तरीय कमेटी बनाने पर जोर दिया। 5 घंटे चली बैठक में प्रदेश की 21 सदस्यीय कमेटी बनाने पर सभी चालकों ने सहमति दी। कमेटी का 6 महीने के लिए गठन किया जाएगा। कमेटी में अध्यक्ष समेत अन्य पदों की जिम्मेदारी नहीं दी गई। फैसला लिया कि चुनी गई 21 सदस्यीय कमेटी इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलेगी। उनसे विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता की मांग करेगी। इसको लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री को भी पत्राचार किया जाएगा।
चालकों ने विवाद को शांतिप्रिय ढंग से सुलझाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे विवाद होते रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया वाले विवाद को बेवजह खींच कर दोनों राज्यों के चालकों में तनाव बढ़ा रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी दखल की मांग की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर तनाव बढ़ाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। बैठक में फैसला लिया कि हर जिले में मामले को लेकर मांगपत्र सौंपे जाएंगे। कमेटी प्रदेश के चालकों को भी अनुशासन में रहने के लिए कहेगी।
कमेटी विवाद को लेकर सरकार और प्रशासन से भी सुरक्षा की मांग करेगी। टैक्सी चालकों ने प्रदेश सरकार से हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर शिमला यूनियन के कुछ लोग मंत्री अनिरुद्ध सिंह से भी मिले हैं। बैठक में ऑल हिमाचल टैक्सी ड्राइवर एवं ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रधान राम रत्न, आजाद टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष सतपाल सिंह, हिमाचल ऑल हिमाचल के पूर्व चैयरमैन जीत सिंह, देवभूमि टैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय ठाकुर और जिला मंडी टैक्सी एकता संगठन के अध्यक्ष महिंद्र सिंह गुलेरिया भी मौजूद रहे।
पंजाब-हरियाणा के चालकों की बैठक 8 को
हिमाचल के चालकों के साथ विवाद को लेकर आठ जुलाई को हरियाणा और पंजाब के चालक भी बैठक करेंगे। हिमाचल के पदाधिकारियों ने बताया कि फिलहाल उन्हें बुलाया नहीं गया है। अगर न्योता आता है तो वे विवाद को सुलझाने के लिए जरूर जाएंगे। आठ जुलाई के बाद ही पता चलेगा कि दोनों राज्यों के चालकों में क्या सहमति बनती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को सोशल मीडिया में बेवजह जोड़ा जा रहा है।
ये बनाए टैक्सी ऑपरेटर्स कमेटी के सदस्य
कांगड़ा से सतपाल, संजय शर्मा, सुनील मन्हास और सुरेश, ऊना से गरविंद्र सिंह, शिमला से नरेंद्र ठाकुर और महेंद्र, मंडी से जीत सिंह, महेंद्र सिंह गलेरिया, सुनील बरवाल और पितांबर, सिरमौर से इंद्रजीत, सतपाल, कुल्लू से राम रत्न, सोलन से कृष्ण कुमार और गीता राम कटारिया, हमीरपुर से विजय कुमार, हमीरपुर से जिंदल, शिमला से अजय, कांगड़ा से चंद्रकांत और हमीरपुर से सुनील सदस्य बनाए गए। फैसला लिया कि पहले कमेटी अपने स्तर पर पंजाब के टैक्सी यूनियनों से बात करेगी। बैठक में अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई।