शिमला। शोघी में हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के सौजन्य से चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में चीड़ की पत्तियों से टेबल मैट, कोस्टर, टोकरी, फूलदान और ट्रे बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में लाहुल स्पीति जिले के ग्राम पंचायत तिंगरिट की 13 महिलाओं ने भाग लिया। प्रदेश के जंगलों में चीड़ की पत्तियों के कारण आग लगने पर भारी नुकसान होता है। ऐसे में इन पत्तियों को इकट्ठा कर जहां महिलाएं आकर्षक सामान बना सकती हैैं वहीं जंगलों को भी आग से बचाया जा सकता है। हिमकोस्ट की समन्वयक प्रियंका शर्मा ने बताया कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का एक स्रोत प्रदान करती है। इस मौके पर ईआईसीएपी-पीसी हब के अजय पंवर, ऋत्विक चौहान और जय प्रिया ने भी कार्यशाला के आयोजन में सहयोग दिया। संवाद