शिमला। लोक निर्माण के धामी डिवीजन में वार्षिक रखरखाव की योजना के तहत की जाने वाली सड़कों की टारिंग का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। 25 किलोमीटर तक की सड़कों की टारिंग कार्य अवार्ड किए दो डेढ़ माह हो चुका है, लेकिन अभी तक ठेकेदारों ने कार्य शुरू ही नहीं किया है। ठेकेदार पुराने रेट पर टारिंग का कार्य करने को तैयार ही नहीं है। इस कारण यह कार्य इस सीजन में अब शायद ही हो पाए। ठेकेदार बिटुमिन और अन्य टारिंग में उपयोग होने वाली सामग्री के दाम दोगुने होने के कारण आवंटित किए गए कार्य करने को तैयार नहीं है, उनका तर्क है कि उनके लिए यह घाटे का सौदा है। इन सड़कों में शाननघाटी-दाड़गी, बघार-जघेड़ी, शमलोट-मढोड़घाट, शड़ी से सनोली पीएमजीएसवाई सड़क की टारिंग की गई है। अधिशासी अभियंता राजेश अग्रवाल ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के धामी डिवीजन के तहत अभी तक पीएमजीएसवाई के तहत किए जा रहे चार सड़कों के निर्माण में करीब 25 किलोमीटर टारिंग का कार्य ही हो पाया है। वार्षिक रखरखाव योजना एएमपी के तहत की जाने वाली सड़कों की टारिंग के प्रोजेक्ट का कार्य आवंटित किया है, लेकिन ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया है। ब्यूरो