हिमाचल प्रदेश के चुनावी संग्राम के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। राज्य को मिले कांग्रेस के नए प्रभारी और महासचिव सुशील कुमार शिंदे ने विधानसभा चुनाव तक हिमाचल में ही डेरा डालने और सभी जिलों का दौरा करने की रणनीति बनाई है।
शिंदे ने मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस के मुख्यालय में विधिवत प्रभारी का कामकाज संभाला। इस दौरान हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू, सांसद आनंद शर्मा और प्रदेश से जुड़े अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
कांग्रेस उत्तराखंड की तरह हिमाचल को अपने हाथ नहीं जाने देना चाहती है। इसी के मुद्देनजर पार्टी ने राज्य का प्रभार वरिष्ठ नेता शिंदे को सौंपा है। उन्होंने जिम्मेदारी संभालते ही हिमाचल के नेताओं को बता दिया कि वह दिल्ली में बैठने की बजाय हिमाचल में रहकर पार्टी को मजबूती देंगे।
शिंदे ने पहले ही दिन इस बात के भी संकेत दे दिए कि फिलहाल संगठन के स्तर पर कोई फेरबदल नहीं होने जा रहा है वे इसी टीम को लेकर आगे बढ़ेंगे। शिंदे ने हिमाचल के नेताओं के साथ भविष्य के कार्यक्रम भी तय कर दिए हैं।
शिंदे 3-4 अगस्त को शिमला पहुंच रहे हैं जहां पहले कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई है। उसके बाद संगठन के पदाधिकारियों से मिलेंगे। शिंदे 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जन्मदिन के मौके पर लाहौल स्पीति में बड़ी रैली कर चुनावी बिगुल फूंकेंगे।
पूर्व प्रभारी अंबिका सोनी ने स्वास्थ्य कारणों के चलते कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर जिम्मेदारी कम करने की बात कही थी। अंबिका सोनी के पास हिमाचल के अतिरिक्त उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का भी प्रभार था।
आलाकमान के पास पहुंचा विधायकों का ‘लेटर बम’
कांग्रेस के 6 विधायकों के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को हटाने के लिए लिखे पत्र का मामला आलाकमान के पास पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे की ताजपोशी समारोह में भी ‘लेटर बम’ छाया रहा। शिंदे ने पार्टी नेताओं को एकजुट रहने की नसीहत दी।
समारोह के बाद शिंदे ने इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और सुखविंद्र सुक्खू से अलग-अलग मुलाकात भी की है। पदभार ग्रहण करने के बाद शिंदे और सीएम वीरभद्र सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। हालांकि सुक्खू इस मुलाकात का हिस्सा नहीं रहे।
प्रदेश प्रभारी अगस्त माह के पहले सप्ताह हिमाचल पहुंचेंगे। एआईसीसी कार्यालय दिल्ली में आयोजित समारोह में शिंदे ने पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर हिमाचल के सीएम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, प्रदेश के उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोती लाल वोहरा व अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
शिंदे ने वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। शिंदे ने प्रदेश नेतृत्व को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अंदरूनी मामलों को पार्टी प्लेटफॉर्म पर सुलझाना चाहिए। उन्होंने गुड़िया प्रकरण के बाद सियासी हालात को लेकर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार इस दौरान सुक्खू और सीएम से शिंदे की विधायकों की नाराजगी को लेकर अलग-अलग चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि राहुल ने प्रदेश के सियासी हालात, गुड़िया प्रकरण और विधायकों के पत्र प्रकरण पर सीएम से अपडेट लिया।