स्पोर्ट्स होस्टल खुलने के बाद छात्राओं ने सरस्वतीनगर कॉलेज को दिलाया खिताब
हॉस्टल के 10 खिलाड़ियों ने पहली बार कॉलेज की ओर से खेलते हुए रचा इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश में इसी शैक्षणिक सत्र से खेल प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में शुरू किए गए प्रदेश के पहले स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स एवं कॉलेज के पहले स्पोर्ट्स हॉस्टल जुब्बल ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। हॉस्टल में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों ने महज छह महीने में ही दमखम दिखाया है। खिलाड़ियों ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 22 कॉलेजों को पछाड़ते हुए पहली बार सरस्वतीनगर कॉलेज को कबड्डी में स्टेट चैंपियन बनाया है। कॉलेज की ओर से खेलने वाली सभी छात्राएं स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स जुब्बल के इंचार्ज बलवंत झोहटा ने बताया कि यह प्रदेश का पहला स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स है और कॉलेज स्तर पर प्रदेश का पहला हॉस्टल है। इसमें मार्च में ट्रायल प्रक्रिया के बाद हॉस्टल में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया गया। इसमें 130 स्कूल स्तर की छात्राएं और कॉलेज की 25 छात्राएं वॉलीबॉल, कबड्डी और बैडमिंटन में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं सरस्वतीनगर कॉलेज से पढ़ाई करती हैं। कॉलेज प्रबंधन और हॉस्टल के सहयोग से ही यह सफलता हासिल हुई है। सरस्वतीनगर कॉलेज की टीम ने कबड्डी में पहली बार स्टेट चैंपियनशिप का खिताब जीता है। इससे पहले इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में बिलासपुर, पांवटा साहिब, नालागढ़ और धर्मशाला आदि कॉलेजों व वहां पहले से स्थापित नामी स्पोर्ट्स हॉस्टलों की खिलाड़ियों का कबड्डी की स्पर्धा में दबदबा होता था लेकिन स्पोर्ट्स हॉस्टल जुब्बल में प्रशिक्षण ले रही खिलाड़ियों ने पहली बार कॉलेज की ओर से प्रतियोगिता में उतरते हुए इन सभी की टीमों को हराकर खिताब अपने नाम किया। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्पोर्ट्स हॉस्टल इंचार्ज बलवंत झोहटा ने बताया कि खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हॉस्टल में चार सत्रों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वॉलीबॉल में भी कॉलेज की ओर से पहली बार हॉस्टल में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी भाग लेंगे। इसमें भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। इसी वर्ष स्कूल इसी हॉस्टल की दो छात्राओं ने वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया। अब कॉलेज हॉस्टल शुरू होने के बाद कॉलेज स्तर पर भी अच्छे खिलाड़ी तैयार होने की उम्मीद है।