इस बात का पता घर वालों को तब चला जब युवक की तबीयत खराब होना शुरू हो गई। वह उल्टियां करने लग गया जिससे उसकी हालत बिगड़ती देख उसके परिजन उसे स्थानीय अस्पताल भराड़ी ले गए लेकिन युवक की गंभीर स्थिति देखते हुए उसे डाक्टरों ने आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया।
ज्यादा मात्रा में गोलियां खाने से उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी जिसके कारण उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी मृत्यु हो गई। युवक के पिता एक दिहाड़ीदार हैं और अपने परिवार का जीवनयापन कर रहे हैं।
भराड़ी थाना से जांच अधिकारी आईजीएमसी शिमला पहुंचे और उन्होंने युवक का पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। डीएसपी राजेंद्र कुमार जसवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि भराड़ी थाना में मामला दर्ज कर दिया गया है तथा युवक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।