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शूलिनी मेले में महिला सशक्तीकरण की झलक: स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों से सजे स्टॉल

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मां शूलिनी मेले के दौरान महिलाओं की ओर से लगाए स्टॉल में पनीर सिड्डू का स्वाद चखते लोग। संवाद
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स्वयं सहायतों समूहों की महिलाओं ने उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की लगाई प्रदर्शनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मां शूलिनी मेले में इस बार महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी ने खास आकर्षण खींचा है। जिले के विभिन्न विकास खंडों से आई महिलाओं ने अपने उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई है। मेले में आने वाले लोग स्थानीय स्वाद के साथ-साथ दूसरे जिलों के पारंपरिक पकवानों का भी आनंद ले रहे हैं। अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत महिलाओं की ओर लगाए गए स्टॉल में शिमला के मशहूर सिड्डू और दाल वड़े से लेकर सोलन के पारंपरिक मालपुड़ों तक कई व्यंजन उपलब्ध हैं। दो अलग-अलग महिला समूह मिलकर इस स्टॉल का संचालन कर रहे हैं। यहां नकमीन, ड्राई फ्रूट मिक्स, मीठा और पनीर सिड्डू देसी घी के साथ परोसे जा रहे हैं, जिनकी कीमत 120 रुपये तय की गई है। इसके अलावा मालपुड़े, दाल वड़े और एकलिया 40 रुपये प्रति प्लेट उपलब्ध हैं। स्टॉल संचालिकाओं गीता, हेमलता और पुष्पा ने बताया कि सभी खाद्य सामग्री ताजा और स्टॉल पर ही तैयार की जा रही है। उनका दावा है कि उपयोग में आने वाली सामग्री उनके अपने खेतों में उगाई गई है। उन्होंने बताया कि मेले में सबसे अधिक मांग पनीर सिड्डू की है, जिसे लोग खास तौर पर पसंद कर रहे हैं और लगातार इसकी बिक्री हो रही है।

मां शूलिनी मेले के दौरान महिलाओं की ओर से लगाए स्टॉल में पनीर सिड्डू का स्वाद चखते लोग। संवाद

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