शिमला। एचपीयू के केंद्रीय पुस्तकालय की डिजिटलीकरण प्रक्रिया धीमी होने से शोधार्थियों और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले महीने लाइब्रेरी में कई नई किताबें और जर्नल पहुंचे लेकिन उनका डिजिटल रिकॉर्ड अब तक अपडेट नहीं हो पाया है। इस कारण छात्रों को जरूरी सामग्री खोजने में समय लग रहा है। शोध छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन कैटलॉग अधूरा होने से बार-बार काउंटर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। परीक्षा और शोध कार्य का दबाव बढ़ने के साथ यह समस्या और गंभीर हो गई है। लाइब्रेरी स्टाफ का कहना है कि स्टाफ की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही अतिरिक्त संसाधन लगाकर डिजिटलीकरण का काम तेज किया जाएगा ताकि छात्रों को बेहतर सुविधा मिल सके। संवाद