दानपात्र के लिए पहले सागवान की लकड़ी का फ्रेम बनाया गया, उसके बाद उस पर चांदी की परत लगाकर उसके अंदर पीतल का दानपात्र फिट किया जा रहा है। पुजारी परीक्षित शर्मा ने बताया कि अग्रवाल परिवार ने कुल देवी को यह भेंट समर्पित की है। श्रद्धालु मनोहर अग्रवाल ने बताया कि उनके परिवार और रिश्तेदारों ने सहयोग कर इस कार्य को पूर्ण करने में मदद की है।
इससे पहले मंदिर ट्रस्ट की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था, फिर प्रशासन की अनुमति के बाद यह चांदी की परत चढ़ाने का काम शुरू हुआ है। मंदिर अधिकारी जगदीश शर्मा का कहना है कि मुख्य द्वारों और मुख्य दानपात्र पर फ्रेम बनाकर चांदी की परत चढ़ाने का काम किया जा रहा है।