भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन की सोशल इंपैक्ट असेसमेंट (एसआईए) स्टडी सरकार ने शुरू कर दी है। इसमें श्री नयनादेवी जी और सदर विधानसभा क्षेत्र के करीब 26 गांव के सामाजिक प्रभाव का आकलन किया जाएगा। इस स्टडी के लिए हिप्पा की टीम बिलासपुर पहुंची है। टीम ने प्रशासन से इस संबंध से जुड़े सारे दस्तावेज भी एकत्रित कर लिए हैं।
वहीं इस स्टडी के पूरा होने के बाद हिप्पा इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगी। उधर, प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। एसडीएम सदर रामेश्वर ने बताया कि मुख्य 14 गांव समेत उक्त 26 गांवों में एसआईए स्टडी का कार्य हिप्पा करेगा। इसी साल कार्रवाई पूरी कर इन गांव में भू अधिग्रहण का कार्य पूरा होगा। श्री नयनादेवी और सदर बिलासपुर के कुल 26 गांवों की 638 बीघा (48 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण होना है।
उक्त रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। 14 गांव ऐसे हैं, जहां प्रशासन और लोगों के बीच जमीन के दामों पर सहमति नहीं बन पाई है। रेलवे की विशेष भू अधिग्रहण इकाई ने कई बार लोगों के साथ दामों को लेकर नेगोसेशन की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई। लोग प्रति बीघा कीमत करोड़ों में लेने की बात पर अड़े हैं। सारी कोशिशों के बाद प्रशासन ने सरकार को एसआईए स्टडी के लिए फाइल भेजी थी, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया है।
इन मुख्य 14 गांव में होनी है एसआईए स्टडी
खैरियां, लुहणू, बध्यात, बामटा, बैहल, कंडैला, मंडी, टाली, भटेड दगड़ाहण, कोट, तुन्नु और जब्बल गांव की जमीनों का अधिग्रहण इस रेललाइन के लिए होना है। हिप्पा की टीम लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों से मिलकर आकलन करेगी कि इन गांवों को रेललाइन बनने से क्या फायदे और नुकसान होंगे। इस स्टडी के दौरान प्रशासन और यूजर एजेंसी कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।
एसआईए स्टडी के बाद सरकार करेगी जमीन के दाम तय
इन गांव की एसआईए स्टडी में यह पता लग जाएगा कि भू मालिकों को इस जमीन के क्या दाम मिलने चाहिएं। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार दाम तय कर भू अधिग्रहण करेगी।