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उपलब्धि: श्रेया और सचिन बने असिस्टेंट प्रोफेसर, परिजनों में खुशी का माहौल

Mon, 20 Mar 2023 12:41 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू/उदयपुर

सार

श्रेया ने कहा कि बचपन से ही परिवार में संगीत का माहौल रहा, जिसके फलस्वरूप उनकी संगीत में विशेष रुचि रही। 
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श्रेया, सचिन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जिला कुल्लू के नग्गर गांव की श्रेया भारद्वाज ने असिस्टेंट प्रोफेसर (संगीत गायन) परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनके प्रोफेसर बनने से नग्गर समेत जिले में खुशी का माहौल है। श्रेया के पिता सुधीर कुमार किसान और माता यमुना देवी गृहिणी हैं। श्रेया ने प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती विद्या मंदिर नग्गर व सरसेई, 12वीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नग्गर, स्नातक की शिक्षा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुल्लू तथा संगीत विषय में स्नातकोत्तर और एमफिल हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से की।

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श्रेया इन दोनों कक्षाओं में स्वर्ण पदक, एचपीयू जेआरएफ भी प्राप्त कर चुकी हैं। श्रेया भारद्वाज ने कहा कि बचपन से ही परिवार में संगीत का माहौल रहा, जिसके फलस्वरूप उनकी संगीत में विशेष रुचि रही। लाहौल के थिरोट गांव के सचिन कारफा ने सामान्य श्रेणी में संगीत गायन की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी योग्यता साबित की है। असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर उन्होंने जिले का नाम रोशन किया है। उनके पिता सुरेश कुमार बागवानी विभाग में सहायक विकास अधिकारी तथा माता देबंती सीएचटी के पद पर तैनात हैं।
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सचिन की पहली से तीसरी तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला झोलिंग, दसवीं तक उदयपुर, 12वीं की परीक्षा हिम अकादमी हमीरपुर तथा आगे की पढ़ाई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से हुई। पिता सुरेश कुमार ने कहा कि सचिन को बचपन से ही संगीत का शौक था। बचपन के शौक ने ही सफलता दिलाई है। उधर, सचिन की कामयाबी पर लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर, पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह ठाकुर ने बधाई दी है।

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प्रोफेसर बनी यामिनी शर्मा

यामिनी शर्मा - फोटो : संवाद
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के तलजोन गांव की यामिनी शर्मा समाज शास्त्र विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनी है। आरक्षित वर्ग में सीट न होने के बावजूद सामान्य वर्ग में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यामिनी शर्मा ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। पिता शेर सिंह और माता चंद्रकांता ने बेटी को बधाई दी है। 
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