राजधानी में चलती कार में छात्रा से दुष्कर्म मामले में पुलिस लापरवाही पर कराई मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट पर सरकार 72 घंटे बाद भी कोई फैसला नहीं ले सकी। बीते शुक्रवार को जांच के 48 घंटे बाद इसकी रिपोर्ट एडीएम शिमला ने सरकार को सौंप दी थी।
मुख्यमंत्री से लेकर पूरी सरकार जहां लोकसभा चुनाव में व्यस्त है, वहीं शासन में बैठे अधिकारी रिपोर्ट मिलने के तीन दिन बाद भी इसे सिर्फ जांचने की ही बात कह रहे हैं। उधर मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी भी अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने दुष्कर्म मामले की जांच को एएसपी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर दी थी। साथ ही पुलिस कर्मियों की लापरवाही की जांच को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए। मुख्यमंत्री की सख्ती के चलते तेजी से जांच हुई।
सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है कि छात्रा 14 मिनट तक लक्कड़ बाजार चौकी में थी। पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद के बजाय उसे बिना किसी सुरक्षा के दूसरे थाने का रास्ता दिखा दिया।
एडीएम शिमला ने रिपोर्ट शुक्रवार को 48 घंटे बाद सरकार को सौंपी, लेकिन अभी तक सरकार रिपोर्ट पर कोई फैसला नहीं ले सकी है। सरकार न तो मामले में लापरवाही बरतने के आरोपी पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट दे रही और न ही उनके खिलाफ कार्रवाई पर फैसला ले सकी है।