राजधानी शिमला की आदर्श जेल कैथू में शनिवार सुबह 7:15 बजे एक विचाराधीन कैदी ने कंबल की रस्सी बनाई और उससे जेल के शौचालय में फंदा लगाकर जान दे दी। कैदी निर्मल उराव (34) पुत्र मोहन लाल निवासी बारह गुड़िया, जलपाईगुड़ी पश्चिम बंगाल पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद था। उस पर 10 दिन पहले ही पत्नी की हत्या करने का आरोप था और 7 दिन से जेल में न्यायिक हिरासत में था।
निर्मल बैरक के बाथरूम के वेंटिलेटर के साथ फंदे से लटका मिला। फंदा लगाने से जेल की सुरक्षा-व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। अब पूरे मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। सुबह पुलिस कर्मी ने बैरक में कैदियों की गिनती की तो एक कैदी कम पाया गया। संतरी ने शौचालय में जाकर देखा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। दूसरे शौचालय से झांककर देखने पर निर्मल फंदे से लटका मिला।
इस बीच जेल उप अधीक्षक को इसकी सूचना दी। पुलिस के साथ एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किए हैं। रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। जेल उप अधीक्षक एनआर भारद्वाज ने बताया कि 2 जनवरी से कैथू जेल में बंद हत्या के आरोपी ने आत्महत्या कर ली है।
यह था मामला
पश्चिम बंगाल का यह दंपती कई सालों से शहर में मजदूरी करता था। इनकी एक छोटी बेटी हिमांशी भी है जो रिश्तेदारों के पास है। एक माह से दंपती समरहिल क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। 29 दिसंबर की सुबह मकान मालिक बिमला ने पुलिस को वारदात की सूचना दी। 32 वर्षीय पुश्तिा लहूलुहान हालत में कमरे में पड़ी थी। इसके सिर पर चोट के निशान मिले थे। इस वारदात के बाद से पति निर्मल उराव फरार चल रहा था। 30 दिसंबर की रात पुलिस ने आरोपी को टुटू स्थित रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा था।