मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान।
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मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश में कार्यालयों और संस्थानों को डिनोटिफिकेशन करने के आदेश प्रदेश हित में लिए गए हैं। पूर्व सरकार की ओर से विधानसभा चुनाव से पहले लिए गए गलत फैसले बदलना हमारा धर्म है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में नरेश चौहान ने कहा कि जो कार्यालय और संस्थान मानकों पर सही होंगे। उन्हें फिर खोला जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के स्पष्ट निर्देश हैं कि कार्यालयों और संस्थानों को लेकर मेरिट पर फैसला लिया जाए।
नरेश चौहान ने पूर्व की भाजपा सरकार पर वोट की राजनीति के लिए प्रदेश में करीब 900 संस्थान और कार्यालय खोलने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सवाल पूछा है कि बिना बजट प्रावधान के चुनावों से पहले इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई।
चौहान ने कहा कि जयराम ठाकुर एक असफल मुख्यमंत्री साबित हुए हैं। साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोई भी कार्य नहीं किया। अंतिम समय में प्रदेश पर 70 हजार करोड़ का कर्ज होने के बावजूद रेवड़ियों की तरह संस्थान और कार्यालय बांटे। अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा के नेता सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं।