शिमला। राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा चौड़ा मैदान में शुक्रवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधार्थियों, नीति निर्माताओं और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संयोजक डॉ. राकेश शर्मा ने बताया कि 23 विषयों से जुड़े 132 शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं। इनके लिए छह समानांतर ऑनलाइन और ऑफलाइन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में इस तरह के सम्मेलन ज्ञान साझेदारी और नीति संवाद के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्य वक्ता प्रो. सचिन शर्मा डीजी आरईएएस नई दिल्ली ने कहा कि नई वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में पूंजी और निवेश की शक्ति निर्णायक भूमिका निभा रही है। मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने साइबर सुरक्षा, हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और थोरियम रिएक्टर को भविष्य की जरूरत बताया। इस मौके पर जेएनयू के प्रो. नंदन नौन, मेलबर्न विश्वविद्यालय के डॉ. सुरेंद्र सिंह चौहान ने आयोजन सचिव डॉ. पीएल वर्मा और उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. हरीश कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। संवाद