शिमला। राज्य संग्रहालय चौड़ा मैदान में समाज के विकास और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में संग्रहालयों की भूमिका विषय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न संग्रहालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा सांस्कृतिक संरक्षण की वकालत की। राज्य संग्रहालय के अध्यक्ष हरी राम चौहान ने कहा कि संगोष्ठी के दौरान विभिन्न सत्रों में इस बात पर जोर दिया गया कि संग्रहालय न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हैं, बल्कि समाज में शिक्षा और जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक धरोहरों के डिजिटल संरक्षण के फायदे और चुनौतियों पर गहन चर्चा रही। कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों को अधिक लोगों तक पहुंचाना, दस्तावेज तैयार करना और इन्हें वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराना जरूरी है। संवाद