शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के शिक्षा विभाग में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय सामाजिक समरसता और समानता के प्रेरणास्रोत महान संत गुरु रविदास महाराज रहा। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. चमन लाल बंगा मुख्य वक्ता रहे और उन्होंने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। संगोष्ठी में हिमाचल विश्वविद्यालय अनुसूचित जाति जनजाति सेल के चेयरमैन महिपाल, सेल के अध्यक्ष हेम चंद, विश्वविद्यालय के पूर्व कोर्ट सदस्य देवेंद्र कुमार, चतुर्थ श्रेणी एवं तकनीकी कर्मचारी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष एवं संत गुरु रविदास विश्व महापीठ के सदस्य चेत राम बंसल, चतुर्थ श्रेणी एवं अनुसूचित जाति जनजाति सेल के अध्यक्ष चांदी राम, कोषाध्यक्ष वेद व्यास, संजीव कुमार सहित विश्वविद्यालय के सफाई कर्मचारी और उपस्थित रहे। वक्ता ने कहा कि भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में शामिल रविदास ने उस समय जाति और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाई थी जब इसे समाज का स्वाभाविक हिस्सा माना जाता था। संत रविदास ने बाहरी आडंबर के बजाय मन की शुद्धता को सच्ची भक्ति का आधार बताया। संवाद