शिमला। विधि विमर्श पहल के तहत कानूनी सहायता और जागरुकता के लिए डाॅ. बीआर आंबेडकर अनुदान योजना के तहत हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का चयन हुआ है। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय घंडल शिमला चयनित किए जाने वाले देशभर के तीस संस्थानों में से एक है। विधि विश्वविद्यालय शिमला की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीति सक्सेना के कुशल मार्गदर्शन में यह संभव हुआ है। विश्वविद्यालय की डॉ. चंद्रेश्वरी मिन्हास की कुशल अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के लीगल एड क्लिनिक ने कानूनी सहायता, सामुदायिक पहुंच और जागरुकता के लिए दिखाई रुचि को भी इसका श्रेय दिया है। बीआर आंबेडकर कानूनी सहायता और जागरुकता अनुदान उन संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जो कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने, हाशिये पर पड़े समुदायों के लिए न्याय तक पहुंच बनाने और प्रभावशाली कानूनी सहायता परियोजनाओं के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हैं। ब्यूरो