सब्जियों पर महंगाई की जबरदस्त मार है। कई सब्जियां 150 के पार हैं। ऐसे में सभी घरों को बजट बिगड़ गया है। सब्जियों की महंगाई का कारण मैदानी क्षेत्रों से आने वाली सब्जियां खत्म होना और पहाड़ की जो स्थानीय लोग लगा लेते थे, वह बारिश से खराब हो गईं और जो बची हैं वह अगले माह तक आएंगी।
रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला आलू, प्याज भी शहर में 40 रुपये तक बिक रहा है। वहीं अन्य कोई भी सब्जी 50 रुपये से कम नहीं है। यहां तक कि बीन, करेला, अरबी, गोभी, शिमला मिर्च 80 से 100 रुपये तक बिक रही है। वहीं टमाटर, अदरक, लहसुन की कीमत 150 रुपये से कम नहीं है। ऐसे में अब आम आदमी न तो महंगी दालें खरीद पा रहा और न ही सब्जियां उसके बजट में हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी मध्यम वर्गीय परिवारों को आ रही है। क्योंकि मध्यम वर्गीय परिवार का बजट थोड़ी सी महंगाई से गड़बड़ा जाता है। वहीं सब्जी मंडी के थोक भाव और बाजार में बिक रही सब्जियों के दामों में भी काफी अंतर है। बाजार में बिक रही सब्जियां दो गुना अधिक दामों में बिक रही हैं।
यह रहे बाजार और मंडी में सब्जियों के दाम किलो में
सब्जी सोलन मंडी बाजार
आलू 18-21 35-40
टमाटर 83-129 140-160
प्याज 18-22 30-35
बैंगन 40-45 60-65
भिंडी 28-30 35-40
खीरा 12-40 30-80
अदरक 160-170 180-200
गोभी 40-50 80-100
शिमला मिर्च52-65 90-100
करेला 40-45 60-70
मूली 18-20 40-45
गाजर 22-25 40-45
लहसुन 75-120 100-140
मटर 80-100 120-130
अरबी 32-35 50-60
बीन 50-60 80-90
मशरूम 100-120 130-140
क्या कहती है गृहिणियां
निम्न स्तर का टमाटर भी 160 में
अचानक सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। बारिश के बाद कुछ दाम बढ़ जाते थे पर इतनी महंगी पहली बार हुई है। टमाटर सोलन में ही तैयार होता है, लेकिन इसके बावजूद भी टमाटर 160 रुपये तक बिक रहा है। जबकि यह टमाटर भी बहुत निम्न स्तर का है।
-निशा देवी गृहिणी
सब्जियों के 40 रुपये से अधिक दाम
बाजार में 40 रुपये कम कोई भी सब्जियां नहीं है। दो दिन पहले आलू और प्याज 30 से 35 रुपये किलो बिक रहे थे, अब इसके दाम भी 40 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। सब्जियों की खरीद में सारा बजट लग रहा है। सलाद तो थाली से गायब ही हो गया है।
- पदमा देवी गृहिणी
100 रुपये की सब्जी से निकल जाता था एक दिन
पहले 100 रुपये में एक दिन की पूरी सब्जियां आ जाती थीं। लेकिन अब एक किलो टमाटर भी 160 तक पहुंच गया है। ऐसे में टमाटर तो रसोई से गायब होने लग गया है। एक दिन की सब्जी के लिए है जेब में 200 रुपये लग जाते है।
- गौरी देवी, गृहिणी
बाजार में भी एक समान नहीं सब्जियों के दाम
बाजार में सब्जियों के दाम भी एक समान नहीं है। कारोबारी लोगों को देखकर सब्जियों के दामों की वसूली कर रहे हैं। टमाटर भी निम्न क्वालिटी का बाजार में दिया जा रहा है। जबकि दाम अच्छे के समान हैं। सलाद में इसका प्रयोग नहीं हो सकता।
- पार्वती, गृहिणी