अधिसूचना के अनुसार सितंबर महीने से प्रतिबंध सख्ती से लागू होना था। चूंकि, थर्मोकोल के उत्पाद बनाने के लिए कई उद्योग हिमाचल में स्थापित हैं। इन पर बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में उन उद्योगों ने सरकार से मांग की थी कि वह उन्हें उत्पाद बनाकर प्रदेश से बाहर बेचने की मंजूरी दे।
दलील दी थी कि अगर उद्योग बंद होते हैं तो इनमें काम करने वाले सैकड़ों स्थानीय युवा बेरोजगार हो जाएंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को यह दलील सही लगी, जिसके बाद अब विभाग प्रस्ताव बनाने में जुटा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अगर मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी तो प्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद थर्मोकोल उद्योग उत्पाद बनाकर उसे पड़ोसी राज्यों में सप्लाई कर सकेंगे।