मंगलवार को शिक्षा विभाग की एक टीम ने पीड़ित छात्रा और स्टाफ के बयान भी लिए। सूत्रों के अनुसार छात्रा ने कहा कि घटना के बाद उसने सारी जानकारी स्टाफ को दी, लेकिन उसे किसी ने नहीं सुना। जिसके बाद उसने अभिभावकों को बताया।
अभिभावकों ने ग्रामीणों सहित इस मामले को उठाया। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल स्टाफ को जानकारी के बाद इस मामले को दबाने की कोशिश की गई।
स्कूल वॉश रूम में दुष्कर्म के बाद पीड़िता से शिक्षक ने मारपीट की और धमकाया भी। हालांकि स्टाफ ने कहा कि लड़की की हालत देखकर उन्होंने उससे पूछा, लेकिन लड़की ने कुछ नहीं बताया।
पंचायत घर में हुई बैठक में सभी स्टाफ सदस्यों सेे शिक्षा विभाग ने पूछताछ की और उनके ब्यान भी लिए। स्कूल छात्राओं से शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने बात भी की और उनसे समस्याएं जानी। विद्यार्थियों ने कार्रवाई करने की मांग की।