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Martyr Pawan: जांबाज पवन ने 4 गोलियां लगने के बाद आतंकी को किया था ढेर, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी विदाई

Thu, 02 Mar 2023 10:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, ज्यूरी (रामपुर बुशहर)
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शहीद पवन को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब। - फोटो : संवाद
शहीद पवन कुमार धंगल को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शहीद की अंतिम विदाई में स्कूली बच्चे भी नेशनल हाईवे पांच पर उतर आए। पूरा रामपुर क्षेत्र जब तक सूरज चांद रहेगा, पवन कुमार धंगल तेरा नाम अमर रहेगा के नारों से गूंज उठा। लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पदगामपोरा में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए पवन को लोगों ने जगह-जगह फूलमालाओं से अंतिम विदाई दी।
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- फोटो : संवाद
शहीद की पार्थिव देह वीरवार को चंडीगढ़ से रामपुर पहुंची। शहीद के सम्मान में उपमंडल की सीमा भैरा खड्ड से ज्यूरी तक हजारों लोग नेशनल हाईवे पांच पर पहुंचे। दत्तनगर, नोगली, रामपुर, पाटबंगला, झाकड़ी और ज्यूरी तक जगह-जगह स्कूली बच्चे और लोग लंबी-लंबी कतारों में शहीद की पार्थिव देह आने का इंतजार करते दिखे। रामपुर में सुबह करीब 10:30 बजे शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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- फोटो : संवाद
शहर के मिनी सचिवालय के बाहर पदम छात्र स्कूल, कन्या स्कूल, पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों, व्यापार मंडल और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं सहित पूर्व सैनिकों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। सेना के जवानों की देखरेख में शहीद की पार्थिव देह के दर्शन करवाए गए। लोगों ने फूलमालाओं और देश भक्ति के नारों से पवन कुमार को अंतिम विदाई दी। क्या बूढ़ा, क्या जवान हर कोई पवन की बहादुरी के चर्चे करता दिखा। दुर्गम क्षेत्र किन्नू पंचायत के पिथ्वी गांव के शहीद पवन कुमार का नाम आज रामपुर के हर व्यक्ति की जुबान पर है। सभी लोगों ने पवन की शहादत को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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- फोटो : संवाद
दो-चार बेटे और होते तो देश की रक्षा के लिए फौज में भेज देता: आतंकियों से लोहा लेते हुए देश पर कुर्बान हो गए पवन कुमार धंगल के पिता शिशुपाल को बेटे की शहादत पर गर्व है। शिशुपाल ने बताया कि उन्हें बेटे के खोने का दुख है। साथ ही इस बात का फख्र भी है कि उनके बेटे ने देश के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। कहा कि उनके दो चार बेटे होते तो वह उन्हें भी देश की रक्षा के लिए फौज में भेज देते। देश के लिए शहीद हुए बेटे को शान के साथ लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पवन पहले देश का बेटा, बाद में मेरा बेटा। पवन ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, इसका मुझे और देश को गर्व है। मुझे कौन जानना था, लेकिन पवन की जांबाजी ने पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। शहीद पवन धंगल शिशुपाल धंगल का इकलौता बेटा था। पवन की अभी शादी भी नहीं हुई थी।
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- फोटो : संवाद
पवन ने चार गोलियां लगने के बाद भी आतंकी को किया था ढेर: पवन ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पदगामपोरा में आतंकी मुठभेड़ में चार गोलियां लगने के बाद भी एक आतंकी को ढेर किया था। घायल शेर की तरह पवन आतंकी को ढेर करने तक पीछे नहीं हटे। पवन के शरीर में कुल 16 गोलियां लगीं थीं। खून से लथपथ पवन ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया था। वीरवार को पिथ्वी गांव में अंतिम यात्रा में शामिल हजारों लोगों ने शहीद पवन को नम आंखों से विदाई दी। राष्ट्रीय राइफल के एसईपी पवन को उनके पिता शिशुपाल ने मुखाग्नि दी।
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- फोटो : संवाद
सेना के जवानों ने छह तोपों की सलामी देकर राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद की माता भजन दासी और बहन प्रतिभा का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरा गांव पवन कुमार अमर रहे के नारों से गूंज उठा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोग सड़क किनारे खड़े रहे। आसपास के स्कूलों में भी शहीद को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद की पार्थिव देह के साथ पिथ्वी आए नायब सूबेदार महेंद्र सिंह ने बताया कि गोलियां लगने के बाद भी पवन ने एक आतंकी को गोलियों से छलनी कर दिया। नायब सूबेदार ने बताया कि पवन के शरीर पर 16 गोलियां लगीं, जिस कारण शरीर से बहुत खून बह गया और अस्पताल पहुंचने तक पवन देश के लिए कुर्बान हो गए।
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