सैन्य बलिदानी परिवार सम्मान समारोह को नादौन में ब्यास नदी तट पर संबोधित करते हुए देश के रक्षा मंत्री भारत सरकार राजनाथ सिंह ने कहा कि हिमाचल देव और वीर भूमि है। इसकी शौर्य, पराक्रम और बलिदान की एक समृद्ध परंपरा रही है। रक्षा मंत्री ने इस दौरान रणभूमि में मेजर सोमनाथ शर्मा से लेकर कारगिल युद्ध में बलिदान देने वाले विक्रम बत्तरा की वीरगाथा सुनाकर हर हिमाचल वासी को गौरवान्वित करवाया। रक्षा मंत्री ने प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, महावीर चक्र विजेता शेर सिंह थापा, धनसिंह थापा, संजय कुमार और कारगिल युद्ध में बलिदान देने वाले विक्रम बत्तरा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के हर युद्ध में हिमाचलियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि सेनाओं का त्याग और बलिदान ही देश की सीमाओं को सुरक्षित रखता है। इस आयोजन पर एक मिसाल पेश करते हुए बलिदानी परिवारों, पूर्व सैनिकों को एक लाख चंदन, नीम और पीपल के पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम में दो प्रदर्शनियां लगाई गईं। इनमें से एक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश से संबंधित वीर सैनिकों का जीवनवृत्त दिखाया गया। दूसरी प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन वृत्त पेश किया।
600 बलिदानी, पूर्व सैनिक परिवारों को किया सम्मानित
इस अवसर पर 600 बलिदानी और पूर्व सैनिक परिवारों को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। परम वशिष्ठ सेवा मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट जरनल कुलदीप जम्वाल, पीवीएसएम लेफ्टिनेंट जनरल बलजीत सिंह जसवाल, लेफ्टिनेंट जनरल विनोद शर्मा, मेजर जनरल मोहिंदर प्रताप, मेजर जनरल सुदेश शर्मा, मेजर जनरल अतुल कौशिक, ब्रिगेडियर सतीश कुमार, वीएसएम ब्रिगेडियर अजय कुमार शर्मा, ब्रिगेडियर मदन शील शर्मा, ब्रिगेडियर बेअंत परमार, ब्रिगेडियर खुशाल शर्मा, ब्रिगेडियर जगदीश सिंह वर्मा, ब्रिगेडियर पवन चौधरी, ब्रिगेडियर लरल चंद जसवाल, पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी, कर्नल रूप चंद, कर्नल दर्शन मनकोटिया, कैप्टन रमेश चंद मौजूद रहे।