शिमला। आईजीएमसी की नेत्र रोग ओपीडी में वीरवार को अंगदान विषय पर जागरूकता शिविर लगाया गया। सोटो के ट्रांसप्लांट समन्वयक नरेश ने बताया कि हर वर्ष दो लाख लोगों को किडनी की जरूरत होती है। लेकिन दस हजार ट्रांसप्लांट होते हैं। 30 हजार लोगों को लीवर की जरूरत रहती है, लेकिन 2 हजार के करीब ही ट्रांसप्लांट होते हैं। 10 लाख लोगों को आंखों की जरूरत होती है लेकिन महज 50 हजार नेत्र ट्रांसप्लांट हो पाते हैं। सोटो के समन्वयक नरेश ने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता न होने के कारण ऐसा हो रहा है। आईईसी कंसल्टेंट रामेश्वरी ने लोगों को मौत के बाद नेत्रदान और ब्रेन डेड स्थिति में अंगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि www.sotto himachal.in पर जाकर अंगदान का शपथ पत्र भर सकता है। अब तक करीब 1400 लोगों ने यह शपथ पत्र भरा है। संवाद