शिमला। राजधानी के गंज बाजार में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में शनिवार को सनातन धर्म सभा की ओर से श्रीमद्भागवत पुराण कथा शुरू हुई। शाम 5 बजे से शुरू हुई इस कथा के पहले दिन कथावाचक आचार्य हरीश भारद्वाज ने राजा परीक्षित के जीवन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन की नश्वरता को समझते हुए समय रहते ईश्वर का स्मरण, सत्संग और सद्कर्म अपनाने चाहिए। सांसारिक जीवन में रहते हुए भी यदि व्यक्ति अपने कर्मों को धर्म और सेवा से जोड़ दे तो उसका जीवन सार्थक हो सकता है। कथाव्यास ने कहा कि मनुष्य का जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति के लिए नहीं है, बल्कि आत्मिक उन्नति और ईश्वर की प्राप्ति भी जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि पितृ पक्ष के विशेष ध्यान को देखते हुए आयोजित यह कथा 10 अक्तूबर तक प्रतिदिन शाम चार से छह बजे तक चलेगी। अंत में भगवान श्रीहरि की आरती हुई। संवाद