शिमला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-एक शिमला प्रतिभा नेगी की अदालत ने पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट को मंजूर करते हुए शिकायतकर्ता की प्रोटेस्ट पिटिशन (याचिका) को खारिज कर दिया है। शिकायतकर्ता अनुपमा ठाकुर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि 27 जुलाई 2018 को जब वह विधि विभाग की लाइब्रेरी से किताबें ले रही थीं तब आशीष ठाकुर बिना अनुमति के वहां किताब ले रहा था। उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता ने खुद माना कि आरोपी ने केवल हाथ पकड़ने का प्रयास किया था। अदालत ने पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट को सही ठहराते हुए स्वीकार कर लिया और शिकायतकर्ता की ओर से दायर आपत्तियों को खारिज कर दिया। संवाद