बाद में इसमें केंद्र के साथ राज्य की बजट हिस्सेदारी भी रखी गई। हिमाचल प्रदेश समेत अन्य विशेष श्रेणी राज्यों के लिए इसमें विशेष छूट दी गई है। फिर इस योजना का दूसरा चरण भी शुरू हुआ। पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन दोनों चरणों की सड़कों का काम पूरा करने के निर्देश दिए और इन दोनों चरणों को बंद करने को कहा। इसके लिए सभी राज्यों को बार-बार नोटिस और रिमाइंडर भी भेजे गए। अब केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी इस बारे में सितंबर महीने तक की डेडलाइन तय की है। हिमाचल प्रदेश में इन दोनों चरणों की 203 सड़कें अभी अधूरी हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये किसी भी सूरत में 31 सितंबर 2022 तक बनाकर पूरी नहीं की जा सकती हैं।
हिमाचल की भौगोलिकता और मौसम को देखते हुए रियायत मांगी : अजय गुप्ता
- राज्य लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया जा रहा है कि पीएमजीएसवाई चरण-एक और दो के लिए यह मोहलत बढ़ा दी जाए। हिमाचल प्रदेश में बर्फीले इलाकों में बहुत कम समय काम हो पाता है। सर्दियोें और बरसात में भी यहां पूरी रफ्तार से काम नहीं हो पाता है। यहां की भौगोलिकता को देखते हुए इस संबंध में हिमाचल के लिए डेडलाइन बढ़ा दी जाए।