फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: तीन हजार भवन मालिकों को सीवरेज कनेक्शन के लिए करना होगा इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
टुटू, मज्याठ क्षेत्र का सीवरेज प्रोजेक्ट वन मंजूरी मिलने के बावजूद लटका
विज्ञापन

ऑफलाइन मंजूरी देने के बाद केंद्रीय मंत्रालय ने ऑनलाइन आवेदन के लिए कहा
कंपनी ने पूरी कीं औपचारिकताएं, चंडीगढ़ में अटकी फाइल, कनेक्शन न मिलने से हजारों लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के टुटू और मज्याठ क्षेत्र के तीन हजार से ज्यादा भवन मालिकों को सीवरेज कनेक्शन के लिए फिर लंबा इंतजार करना होगा। इस क्षेत्र के सीवरेज प्रोजेक्ट को एफसीए के तहत वन मंजूरी मिलने के बावजूद इसका काम लटक गया है।
पेयजल कंपनी की ओर से किए गए ऑफलाइन आवेदन को पहले केंद्रीय मंत्रालय ने मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने नगर निगम सदन में भी इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद कंपनी इसका काम शुरू करने ही वाली थी कि फिर केंद्रीय मंत्रालय ने ऑनलाइन मंजूरी लेने की शर्त लगा दी। कहा कि नई व्यवस्था के तहत अब ऑनलाइन मंजूरी लेना अनिवार्य है। इस काम में देरी न हो, इसके लिए कंपनी और सरकार ने तुरंत ही ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया। अब यह आवेदन केंद्रीय वन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ में लंबित पड़ा है। कंपनी की मानें तो इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है और ऑनलाइन आवेदन महज औपचारिकता भर है, लेकिन अभी भी अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। आदर्श चुनाव आचार संहिता के चलते जून के बाद ही मंजूरी मिल सकती है। पेयजल कंपनी के एजीएम संजय कौशल ने कहा कि फाइनल अप्रूवल का इंतजार है। जल्द ही इसका काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मर्ज एरिया के लोग परेशान, पार्षद उठा चुके सवाल
शहर के मर्ज एरिया में शामिल टुटू और मज्याठ में अभी ज्यादातर लोगों के पास सीवरेज कनेक्शन नहीं हैं। इस क्षेत्र में ज्यादातर भवनों में सेप्टिक टैंक बनाए गए हैं। इन्हें बरसात के दिनों में नालों में खोल दिया जाता है। इससे पेयजल स्रोत भी दूषित हो रहे हैं। उधर, कंपनी का दावा है कि करीब 20 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है। अब एसटीपी का निर्माण होना है जिसके लिए वन मंजूरी का इंतजार है। हालांकि, स्थानीय पार्षद कंपनी के काम से खुश नहीं हैं। सदन में भी मज्याठ पार्षद अनिता शर्मा ने काम शुरू न करने पर सवाल उठाए थे। पार्षद के अनुसार सीवरेज लाइन का काम भी अधूरा है। लोगों के घरों तक लाइनें नहीं बिछी हैं। शिकायत के बाद कंपनी एक-दो दिन काम करती है, फिर बंद कर देती है। उधर, कंपनी का कहना है कि स्थानीय लोग काम में अडंगा डाल रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें