हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की समस्याओं के निदान के लिए संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) का गठन किया गया है। मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में बनी इस जेसीसी में 91 गैर सरकारी सदस्य होंगे, जबकि सभी प्रशासनिक सचिव इसके सरकारी सदस्य होंगे। गैर सरकारी सदस्यों में प्रदेश भर के विभिन्न क्षेत्रों के पेंशनरों को इस समिति में सदस्य बनाया गया है। गैर सरकारी सदस्यों को परिवहन भत्ता लेने के लिए अधिकृत किया गया है। इनके अलावा विशेष सचिव वित्त भी इसके सदस्य सचिव होंगे। पेंशनरों की यह जेसीसी 31 अगस्त को संभावित है।
सितंबर में पूरी होंगी सचिवालय कर्मचारियों की मांगें
हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना और सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संगठन के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों के नए वेतनमान की वेतन विसंगतियों को दूर करने, सचिवालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी से पदोन्नति उपरांत तृतीय श्रेणी में आने और तृतीय श्रेणी के समकक्ष सचिवालय पे व वेतनमान दिए जाने, कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों को पंजाब की तर्ज पर बढ़ाने, सचिवालय की तर्ज पर राज्यपाल सचिवालय, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग, लोकायुक्त और दूसरे कार्यालय जिन्हें सचिवालय पे मिलती है, को दो गुणा करने, विभिन्न श्रेणी के नए पदों को सृजन करने, कर्मचारियों को एरियर की प्रथम किस्त शीघ्र जारी करने और 01 जनवरी, 2022 से कर्मचारियों को तीन फीसदी महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने आदि मांगों पर चर्चा की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) ने सभी मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बाद अधिकांश मांगों को सितंबर महीने में दिए जाने का आश्वासन दिया। बैठक में महासचिव महेश कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान, चानण मेहता, संयुक्त सचिव, महेंद्र सिंह एवं कार्यकारिणी के कार्यकारी सदस्य विनोद कुमार, विजय कुमार, कुलदीप सिंह व रक्षित कुमार भी उपस्थित रहें।
31 अगस्त तक पेंशन बहाल नहीं की तो एक सिंतबर संसदीय क्षेत्रों में क्रमिक अनशन
उधर, नई पेंशन स्कीम कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 31 अगस्त तक पेंशन बहाल नहीं की गई तो 1 सितंबर से प्रदेश के चार लोकसभा क्षेत्रों में यह क्रमिक अनशन शुरू होगा। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर तथा महासचिव शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहा है। संगठन ने सरकार के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली का विषय रखा है। देश के दो राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले पेंशन बंद हुई है और यहां पेंशन बहाली नहीं हो पाई है। ठाकुर ने कहा कि जल्द पेंशन बहाल नहीं होती तो पेंशन बहाली के संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को शिमला में पेंशन अधिकार रैली संगठन को लेकर जब सरकार ने संगठन को वार्ता के लिए बुलाया तो इसमें कोई निर्णय नहीं लिया गया। ऐसे में कर्मचारियों ने क्रमिक अनशन करने का निर्णय लिया गया।