मुख्यमंत्री के कांगड़ा दौरे के दूसरे दिन सियासी मैनेजमेंट की धुरी भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा और विधायक रमेश धवाला के इर्द-गिर्द घूमती रही। कई विवादों के बाद करीब एक वर्ष बाद पवन राणा और रमेश धवाला एकसाथ मंच पर नजर आए। हालांकि, देहरा में संगठनात्मक जिला भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में दोनों में कोई दुआ सलाम या बातचीत नहीं हुई। दोनों का एक मंच पर साथ आना महज औपचारिकता रही। जनता और कार्यकर्ताओं को सिर्फ संदेश देने की कोशिश हुई कि अब सब ठीक है लेकिन अंदरखाते दोनों नेताओं के बीच दूरियां अभी भी पहले जैसी ही हैं।
इस बार निर्दलीय विधायक होशियार सिंह और पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के बीच खुलेआम कोई सियासी विवाद तो नहीं हुआ लेकिन अंदरखाते द्वंद्व जरूर दिखा। होशियार के स्वागत कार्यक्रम में रवि नहीं आए। वे देहरा के बगली में आयोजित भाजपा की बैठक में ही शामिल हुए। बैठक के अलावा वह सीएम के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। देहरा में सीएम के पिछले दौरे में रवि ने मंच से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ होशियार सिंह पर कई आरोप लगाए थे। उधर, इससे इतर वन मंत्री राकेश पठानिया और बिक्रम ठाकुर दोनों कद्दावर मंत्री होने की सियासी लॉबिंग करते रहे। विधायक रमेश धवाला ने कहा कि उनका किसी के साथ कोई भी मनमुटाव नहीं है। उन्हें बस ज्वालामुखी विस क्षेत्र के विकास की चिंता है। उन्होंने कभी भी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा। सभी नए मंत्रियों को मेरी शुभकामनाएं हैं।