स्वयंभू शिवलिंग पर 21 किलो मक्खन से उकेरा पराशर ऋषि का स्वरूप
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हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी के प्रसिद्ध बाबा भूतनाथ मंदिर में 21 किलो शुद्ध मक्खन के साथ स्वयंभू शिवलिंग का विशेष शृंगार शुक्रवार सुबह किया गया है। हालांकि, तारारात्रि गुरुवार रात 11:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक विशेष शृंगार की प्रक्रिया पूरी हुई। इसमें रात भर शहर के लोगों और शिवभक्तों ने पूजा-अर्चना और शृंगार में भाग लिया। सुबह 4:00 बजे 21 किलोग्राम मक्खन से बाबा के स्वयंभू शिवलिंग पर घृत मंडल चढ़ाया गया। इस दौरान मंदिर भगवान के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, इसके बाद मंदिर के महंत ने मक्खन पर पराशर ऋषि का रूप इस शिवलिंग पर उकेरा। बता दें कि यह पहले से सुनिश्चित नहीं होता कि कौन सा रूप शिवलिंग पर बनना है। महंत का दावा है कि जब भी वह शिवलिंग पर आते हैं, उसी समय भगवान शिव के आदेश पर भगवान का रूप उकेरा जाता है। कहा कि आज पहला स्वरूप ऋषि पराशर का उकेरा गया, जिसके दिनभर लोगों ने दर्शन किए। उधर, मंदिर की रूप सज्जा को देखकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। मंदिर को दिल्ली से लाए गए फूलों से सजाया गया है।