शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के हिंदी विभाग में कलम बनी हथियार : भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और हिंदी साहित्य विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के धुले स्थित विद्यावर्धिनी महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं उपप्राचार्य प्रो. योगेश गोकुल पाटिल मुख्य वक्ता रहे। अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भवानी सिंह ने की। प्रो. पाटिल ने कहा कि हिंदी साहित्य ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनजागरण, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जागृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र, मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी और रामधारी सिंह दिनकर समेत कई साहित्यकारों की रचनाओं में राष्ट्रीय चेतना को रेखांकित किया। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने देशभक्ति गीतों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। संवाद