शिमला। शहर के पुराने बस अड्डे के पास एक निजी भवन में अवैध रूप से बनाए गए शौचालय और बाथरूम को तुरंत गिराने के आदेश जारी किए हैं। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल की अदालत में शनिवार को इस मामले की सुनवाई हुई। निगम की वास्तुकार शाखा के अनुसार, भवन मालिक ने बिना अनुमति इनका निर्माण किया है। सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से मौका दिए जाने के बावजूद भवन मालिक निर्माण से संबंधित कोई अनुमति पत्र या स्वीकृत नक्शा पेश नहीं कर पाया। इस पर अदालत ने निर्माण को अवैध मानते हुए इसे गिराने के आदेश जारी कर दिए। आयुक्त अदालत में शनिवार को 18 मामलों की सुनवाई हुई। इस दौरान एक भवन मालिक ने अनुपालना रिपोर्ट पेश कर बताया कि नगर निगम के निर्देशों के अनुसार उसने भवन में किया अवैध निर्माण हटा दिया है। उन्होंने अदालत से मामले में राहत देने की मांग की। नगर निगम की रिपोर्ट में भी निर्माण हटाए जाने की पुष्टि हुई। इस पर अदालत ने मामले को समाप्त करने के आदेश दिए। ब्यूरो
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वहीं, अन्य मामलों में संबंधित भवन मालिकों को अगली सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।