शिमला। फॉरेस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने सहायक वन रक्षक को वन विभाग में शामिल करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। एसोसिएशन के प्रधान दीपक शर्मा ने कहा कि वन रक्षकों के 2581 स्वीकृत पदों में 600 से अधिक पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार इन पदों पर पूर्व की भांति वन रक्षकों की स्थायी नियुक्ति करने के बजाय सहायक वन रक्षकों को शामिल करके वन रक्षक के कैडर को समाप्त करने का विचार कर रही है। एसोसिएशन ने इस निर्णय को वन विभाग की संरचना और वन संपदा के संरक्षण के लिए खतरा बताया है। वन रक्षकों को वन विभाग की रीड़ की हड्डी माना जाता हैं जिसे फॉरेस्ट मैनुअल, ई इंडियन फॉरेस्ट एक्ट और भर्ती एवं पदोन्नति नियम के अनुरूप वन विभाग की क्षेत्र इकाई बीट का पूर्ण प्रभारी नियुक्त किया जाता है। संवाद