महिला जेल कर्मियों को सेवाकाल के दौरान पेश आने वाली परेशानियों पर चर्चा के लिए शनिवार को जिला जेल कैथू में प्रदेश जेल महिला अधिकारियों की एक कांफ्रेंस हुई। इस दौरान मौजूद प्रतिभागियों के बीच आमराय बनी कि जेलों में महिला अधिकारियों व कर्मचारियों की वर्तमान छह फीसदी की संख्या को 15 फीसदी तक ले जाया जाना चाहिए। चर्चा की गई कि कैसे महिला अधिकारियों व कर्मचारियों को पुरुष सहयोगियों की तरह सभी तरह के सुपरवाइजरी और दैनिक जिम्मेदारियां देकर मेन स्ट्रीम में लाया जा सकता है। काम वितरण, परिवार व महिलाओं के सकुशल रहने जैसे मुद्दों पर भी विचार रखे गए। डीजीपी सोमेश गोयल ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की जेलों में महज 6 प्रतिशत महिला कर्मी काम कर रही हैं।
निर्णय हुआ कि इस प्रतिशत को 15 फीसदी तक ले जाया जाएगा। दोनों केंद्रीय कारागारों में चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मियों की भी नियुक्ति को लेकर भी चर्चा की गई। दोनों जगह महिला कैदी अपने बच्चों के साथ रहती हैं। कांफ्रेंस के दौरान डीजी जेल के अलावा वरिष्ठ एआईजी एससी शर्मा, उप जिला न्यायवादी संगीता जस्टा मिश्र, उप अधीक्षक जेल जगजीत चौधरी व सहायक अधीक्षक नारायणी देवी प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। इस कांफ्रेंस में प्रदेश की मॉडल सेंट्रल जेल कंडा और नाहन के अलावा जिला जेल कैथू, सोलन धर्मशाला और ओपन एयर जेल बिलासपुर की वार्डर से लेकर सहायक अधीक्षक स्तर की महिला कर्मियों ने भाग लिया।