हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी काग भाषा को समझने के लिए शोध पर विचार करेगी। यह जानकारी अकादमी के सचिव डॉ. मस्त राम शर्मा ने दी है।
उन्होंने कहा कि काग भाषा के जानने वाले बड़े विद्वान हिमाचल में रहे हैं। काग भाषा पर कई पांडुलिपियां संस्कृत में उपलब्ध हैं।
डा. मस्त राम ने कहा कि काग भाषा पर शोध करने की जरूरत चंबा में हुए समारोह में ही शिद्दत से उठी। 17 अक्तूबर को समारोह का आगाज डीसी चंबा एम. सुधा देवी ने किया।
उन्होंने संस्कृत अकादमी की तरफ से इस भाषा के प्रचार एवं प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।