अपने शुद्ध उत्पादों के लिए देशभर में विख्यात हिमाचल सरकार की बिरोजा एवं तारपीन फैक्टरी तरक्की के पथ पर आगे बढ़ रही है। पहली बार फैक्टरी को अपने प्रदेश से ऑर्डर मिला है। यहां की फिनाइल के हरियाणा व पंजाब दिवाने हैं तो अब हिमाचल प्रदेश के पशुपालन विभाग की तरफ से भी फैक्टरी को 40 लाख रुपये का आर्डर मिला है। यहां से बनी फिनाइल की शुद्धता के चलते पशुओं के जख्म ठीक करने को लेकर पशुपालन विभागों में इसकी काफी डिमांड है।
हरियाणा व पंजाब के पशुपालन विभाग सालों से यहां की फिनाइल ले रहे हैं, पहला मौका है जब हिमाचल के पशुपालन विभाग की तरफ से भी मांग आई है। हालांकि इसके अलावा यहां फैक्टरी में अन्य कई प्रकार के उत्पाद जिसमें तारपीन, रोजिन, ब्लैक जापान आदि तैयार किए जा रहे हैं और उनकी शुद्धता के चलते बाहरी राज्यों में काफी मांग रहती है।
बीते वर्षों की अपेक्षा अब यहां पिछले कुछ सालों से कारोबार में बढ़ोतरी है। यहां की कुल बिक्री अब 30 करोड़ रुपये सालाना को पार कर गई है। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। कंपनी में काम के घंटों को बढ़ाया गया है और मशीनों की मरम्मत को लेकर खासा ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण हैं कि फैक्टरी अब 4 करोड़ रुपये का जीएसटी भी सरकार के खाते में सालाना जमा करवा रही है।
बिरोजा एवं तारपीन फैक्टरी नाहन में उत्पादों की बिक्री 30 करोड़ रुपये सालाना तक पहुंची है। इसी के तहत 4 करोड़ रुपये जीएसटी भी जमा किया जाता है। पशुपालन विभाग हिमाचल प्रदेश की तरफ से भी फिनाइल का पहला ऑर्डर 40 लाख रुपये का मिला है। पंजाब व हरियाणा में यहां की फिनाइल की काफी मांग है-एके वर्मा, जीएम, बिरोजा एवं तारपीन फैक्टरी नाहन