शिमला। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय शिमला के एआई और बौद्धिक संपदा अधिकार केंद्र, व्यावसायिक विधि और अर्थशास्त्र केंद्र ने संगी और बौद्धिक संपदा : कला और नवाचार विषय पर वर्चुअल संगोष्ठी का आयोजन किया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीति सक्सेना ने संगोष्ठी में परिचयात्मक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में संगीत की भूमिका महत्वपूर्ण है। जीजीएसआईपी विश्वविद्यालय के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. जुबैर खान, सर्वोच्च न्यायालय के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सुचारु गर्ग, दिल्ली विवि के सहायक प्रोफेसर डॉ. जूपी गोगोई, प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) एससी रॉय ने भी संगोष्ठी में विचार व्यक्त किए। सेंटर फॉर बिजनेस लॉ एंड इकोनॉमिक्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) गिरजेश शुक्ला और डॉ. संतोष कुमार शर्मा ने संगोष्ठी का संचालन किया। ब्यूरो