13वीं विधानसभा के गठन के बाद विवाद का मुद्दा बने नेता प्रतिपक्ष के पद की मान्यता देने के मामले में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मंत्रणा के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नई विधानसभा के दो सत्र बीतने के बाद आखिरकार कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता प्रदान कर दी।
विधानसभा सचिव की ओर से इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। दर्जा बढ़ने के साथ ही अग्निहोत्री को सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। विधानसभा अध्यक्ष ने यह मान्यता ऐसे समय में प्रदान की है जब सत्र के पहले दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोकोद्गार प्रस्ताव लाया जाना था।