शिमला। किशोर न्याय बोर्ड (जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड) शिमला ने बाल अपचारी (चाइल्ड इन कॉनफलिक्ट विद लॉ) के खिलाफ चल रहे एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में फैसला सुनाते हुए उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया है। बोर्ड ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष नाबालिग के खिलाफ लगाए गंभीर आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। पुलिस थाना वेस्ट, शिमला में वर्ष 2020 में दर्ज एफआईआर के तहत यह अंतिम रिपोर्ट पेश की गई थी। आरोप था कि बाल अपचारी अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित पदार्थ (चरस और अफीम) की खरीद-फरोख्त में शामिल था। बोर्ड ने पाया कि बाल अपचारी के वाहन चलाने या प्रत्यक्ष रूप से अवैध सामग्री के कब्जे में होने को लेकर कोई स्वतंत्र और पुख्ता गवाह सामने नहीं आया। संवाद