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Himachal Pradesh: मंत्री बोले- 75 हजार करोड़ के ऋण के कारण मजबूरन बढ़ाना पड़ा डीजल पर वैट

Mon, 09 Jan 2023 10:15 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

पूर्व सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारियां भी छोड़ी हैं। बिना सोचे समझे किए गए गैरजरूरी और अनुत्पादक खर्चों के कारण ही वर्तमान प्रदेश सरकार को राज्य में डीजल पर वैट की दरें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है।
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कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण वर्तमान प्रदेश सरकार को 75,000 करोड़ रुपये का ऋण सौगात में मिला है। पूर्व सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारियां भी छोड़ी हैं। बिना सोचे समझे किए गए गैरजरूरी और अनुत्पादक खर्चों के कारण ही वर्तमान प्रदेश सरकार को राज्य में डीजल पर वैट की दरें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है। सोमवार को जारी बयान में दोनों मंत्रियों ने कहा कि चर्चा में बने रहने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आधारहीन एवं बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं।

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मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में विभिन्न बोर्डों एवं निगमों में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्षों की बड़े स्तर पर नियुक्तियां की गई थीं। सभी हारे और नकारे हुए दूसरी पंक्ति के नेताओं को उस समय अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाकर मलाईदार पदों पर सुशोभित किया गया था। मंत्रियों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी मामले में बोलने का अधिकार नहीं है। यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही किया गया है। उचित समय पर कांगड़ा और अन्य जिलों को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाएगा। राज्य में आय के साधनों का सृजन कर तथा फिजूलखर्च में कटौती कर प्रदेश की खराब और बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है।

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