सूबे में किसी भी सरकारी विभाग के पास पूर्व सैनिक कोटे का रिकॉर्ड न होने से इसका दुरुपयोग हो रहा है। भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार परिवार में एक ही सदस्य पूर्व सैनिक कोटे का लाभ ले सकता है लेकिन कई सैन्य परिवारों के दो से तीन सदस्य इस कोटे के तहत सरकारी नौकरी ले रहे हैं। कई ऐसे परिवार हैं, जिनके एक भी सदस्य को इस कोटे का लाभ नहीं मिला है।
हिमाचल प्रदेश सैनिक कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग में पूर्व सैनिक कोटे का कोई रिकॉड न होने से यह गड़बड़ी हो रही है। आवेदक से महज एक शपथ पत्र लेकर पूर्व सैनिक कोटे से नौकरियां दी रही हैं। लेकिन परिवार में कितने सदस्यों ने इस कोटे के तहत सरकारी नौकरी हासिल की है, इसका रिकॉर्ड न तो नौकरी देने वाले विभाग के पास है और न सैनिक कल्याण विभाग के पास।
प्रदेश सरकार ने हाल ही में शिक्षा विभाग में भूतपूर्व सैनिक कोटे से टीजीटी नॉन मेडिकल के 97 पद भरने को मंजूरी दी है। सरकार से स्वीकृति मिलते ही प्रदेश शिक्षा विभाग ने टीजीटी नॉन मेडिकल के पदों को भरने के लिए साक्षात्कार की तिथियां भी घोषित कर दी हैं।
इसी कड़ी में प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक कार्यालय हमीरपुर में 15 से 18 नवंबर तक पूर्व सैनिक कोटे से टीजीटी नॉन मेडिकल कोटे के साक्षात्कार लिए जाएंगे। लेकिन यहां भी शिक्षा विभाग और सैनिक कल्याण विभाग पूर्व की भांति रिकॉर्ड न होने का तर्क देकर साक्षात्कार के लिए बुलावा पत्र भेज चुका है।
पहले भी सामने आ चुकी है गड़बड़ी
पूर्व सैनिक कोटे के तहत नौकरी हासिल करने में पहले भी कई गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में परिवार के दो सदस्यों ने नौकरी हासिल की थी, जिसमें एक को नौकरी से हाथ धोना पड़ चुका है। इसी तरह शिक्षा विभाग में भी परिवार से दो सदस्यों द्वारा नौकरी करने की बात सामने आ चुकी है। 15 नवंबर से शुरू होने वाले भर्ती प्रक्रिया में भी विभाग के पास कुछ इस तरह की शिकायतें हाथ लगी हैं, जिसके बाद विभाग ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज हो सकता है केस, रिकवरी भी संभव
हिमाचल प्रदेश सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर एसके वर्मा ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व सैनिक अपना रजिस्ट्रेशन विभाग में करवाते हैं, लेकिन परिवार में कितने सदस्यों ने इसका लाभ उठाया है, इसका रिकॉड सैनिक कल्याण विभाग के पास नहीं है। नियमानुसार परिवार में एक ही सदस्य कोटे का लाभ ले सकता है। उन्होंने कहा कि अगर परिवार में कोई दो लोग इस कोटे के तहत नौकरी हासिल करते हैं, तो उनके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज हो सकता है। दोषी व्यक्ति को रिकवरी भी भरनी पड़ सकती है।
शिक्षा विभाग के पास नहीं है रिकॉर्ड
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक आरसी कटोच ने कहा कि पूर्व सैनिक कोटे से नॉन मेडिकल कोटे से 97 पद भरे जाने हैं। 15 से 18 नवंबर तक प्रारंभिक शिक्षा विभाग कार्यालय में साक्षात्कार लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोटे के तहत प्रत्येक उम्मीदवार से एक शपथ पत्र लिया जाता है, जिसमें लिखा होता है कि परिवार में अन्य किसी सदस्य ने लाभ नहीं लिया है, लेकिन इससे पहले परिवार में कोई अन्य लाभ ले चुका है, इसका रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं होता है।