शिमला। शहर के संजौली के जंजघर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित श्रीराम कथा में मंगलवार को कथा वाचक ने ताड़का और सुबाहु राक्षस के वध का प्रसंग सुनाया। कथा वाचक सौम्या भारती ने श्रद्धालुओं को बताया कि ताड़का, सुबाहु और मारीच हमारे मन में उठने वाले विकार लोभ, मोह तथा अहंकार का प्रतीक हैं। साध्वी ने बताया कि श्रीराम का ध्यान कर इन विकारों पर अंकुश लगाया जा सकता है। सौम्या भारती ने प्रवचनों के माध्यम से बताया कि कैसे प्रभु राम ने ऋषि विश्वामित्र के साथ वन प्रांत में जाकर आसुरी शक्तियों का वध किया। कथा का शुभारंभ पूजन से हुआ जिसमें पुनीत नेगी ने परिवार सहित हिस्सा लिया। कथा के चौथे दिन शिमला के पूर्व महापौर सत्या ठाकुर कौंडल, डॉ. पवन कुमार, बस्ती राम संघायक और दीपेश डोगरा ने आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा का समापन मंगल आरती से हुआ जिसमें पार्षद अंकुश वर्मा, विजय शर्मा, मंगा सिंह, सुबोध सूद, सुनील कौंडल और बहादुर सिंह ने हिस्सा लिया। कथा के बाद भंडारा परोसा गया। संवाद