हिमाचल प्रदेश की राजधानी में नगर निगम के चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर जारी हो गया है। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को वार्ड वाइज रोस्टर जारी कर दिया। आरक्षण रोस्टर के अनुसार नगर निगम के कुल 41 वार्डों में 21 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे हैं। इसमें 17 वार्ड महिला और चार वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हैं। तीन वार्ड अनुसूचित जाति के लिए (महिला-पुरुष) आरक्षित किए हैं। मई-जून में नगर निगम के चुनाव करवाए जाने प्रस्तावित हैं। महिलाओं के आरक्षित वार्डों को मिलाकर देखा जाए तो इस बार नगर निगम सदन में कम से कम 21 महिला पार्षदों की एंट्री तय है। ऐसे में सिर्फ 20 वार्डों से ही पुरुष उम्मीदवार अपनी दावेदारी जता सकेंगे। जिला प्रशासन के अनुसार वार्डों की आबादी के अनुसार नया रोस्टर जारी किया है। रोस्टर जारी होने के साथ ही नगर निगम चुनाव के लिए सियासत गरमा गई है। तीनों दलों के पार्षद अभी से खुद को दावेदार बताते हुए रणनीति बनाने लगे हैं। नगर निगम के चुनाव मई-जून माह में प्रस्तावित हैं। इस बार नगर निगम के वार्डों की संख्या 34 से बढ़ाकर 41 की गई है। ऐसे में यह चुनाव नगर निगम इतिहास का सबसे बड़ा चुनाव होगा।
नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार को आरक्षण रोस्टर जारी होते ही ज्यादातर पार्षदों के चेहरे खिल गए हैं। शहर में 34 में से सिर्फ तीन वार्डों का ही रोस्टर बदला गया है। बाकी 31 वार्डों में पुराना रोस्टर लागू होने से ज्यादातर वर्तमान पार्षद ही चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इन 31 वार्डों में सिर्फ सांगटी वार्ड में नया चेहरा होगा। सांगटी से पार्षद रही मीरा शर्मा ने इस्तीफा देकर राजनीति से किनारा कर लिया है। बालूगंज, रुल्दूभट्ठा और छोटा शिमला का रोस्टर बदल गया है। बाकी बचे 30 पार्षदों को यदि दोबारा टिकट मिलता है तो ये चुनाव लड़कर निगम सदन में वापसी कर सकते हैं। रोस्टर में इसका रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को रोस्टर जारी होते ही कई पार्षदों ने जश्न भी मना दिया। पार्षद एक दूसरे को बधाई देते भी नजर आए।
भराड़ी महिला