शिमला में खुलेगा मेट्रो सर्विलेंस सेंटर
महामारी फैलाने वाली बीमारियों पर निगरानी रखने के लिए शहर में मेट्रो सर्विलेंस सेंटर खोला जाएगा। साथ ही अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान खोलने की भी योजना है। स्वयं सहायता समूहों को जूट बैग, जैविक फाइल फोल्डर समेत अन्य कामों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्पाद बेचने के लिए जगह दी जाएगी।
बुजुर्गों को राहत, घर बैठे दे सकेंगे टेस्ट के सैंपल
शहर के वरिष्ठ नागरिकों को चिकित्सा टेस्ट करवाने के लिए घर बैठे सैंपल देने की सुविधा दी जाएगी। नगर निगम यह सुविधा निशुल्क देगा। दिव्यांग लोगों को भी निगम न्यूनतम दर पर मांग के अनुसार यह सुविधा दे सकता है।
युवाओं के लिए बनेंगे टेनिस कोर्ट, क्रिकेट पिच, पहली बार कुत्तों की होगी गणना
शहर के युवाओं के लिए पहली बार नगर निगम बजट में घोषणाएं हुई हैं। इनके लिए वार्डाें में टेबल टेनिस कोर्ट बनाने और क्रिकेट के अभ्यास के लिए पिच की सुविधा दी जाएगी। पार्षद इसके लिए स्थान चिह्नित करेंगे। शहर में पहली बार लावारिस कुत्तों की गणना की जाएगी। इसके बाद इनकी सौ फीसदी नसबंदी के लिए अभियान चलेगा।
मलबा डंप करने के लिए निगम देगा सस्ती सुविधा
शहर में अवैध डंपिंग रोकने के लिए नगर निगम ने बड़ी घोषणा की है। भवन निर्माण या अन्य कामों से निकलने वाले मलबे को ठिकाने लगाने के लिए निगम सस्ती दरों पर वाहन सुविधा मुहैया करवाएगा। इसके लिए हेल्पलाइन सेवा शुरू होगी। ढली बाईपास, कनलोग, आईजीएमसी के पास डंपिंग साइट बनाई जाएंगी।
किराया भुगतान, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र समेत ऑनलाइन होंगी पांच सेवाएं
शहरवासियों को सुविधा देने के लिए नगर निगम कई और सेवाएं इसी साल से ऑनलाइन करने जा रहा है। लोग घर बैठे इनका इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र लेने की सुविधा भी ऑनलाइन की जा रही है। साल 1870 से लेकर 2015 तक का रिकाॅर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। ब्रिटिश नागरिक भी शिमला में रहे अपने पूर्वर्जाें के जन्म और मृत्यु के प्रमाणपत्र अब ऑनलाइन ले सकेंगे। दूसरी सेवा लीज और किराया भुगतान से संबंधित हैं। अभी किरायेदारों को निगम के कैश काउंटर पर जाकर बिलों का भुगतान करना पड़ता है।
अप्रैल से यह सेवा भी ऑनलाइन हो जाएगी। तीसरी सेवा के तहत निगम भवनों के नए-पुराने सभी नक्शों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करेगा। चौथी सेवा में तहबाजारियों के पंजीकरण की सुविधा भी ऑनलाइन की जा रही है। हर घर से कूड़ा उठ रहा है या नहीं, इसके लिए हर घर पर क्यूआर कोड स्कैनर लगाए जाएंगे। सुबह सैहबकर्मी को कूड़ा उठाते वक्त इसे स्कैन करना होगा। इससे निगम को पता रहेगा कि रोजाना कितने घर से कूड़ा उठ रहा है। निगम सदन के लिए स्थान मिलने पर ई-विधान प्रणाली भी लागू करेगा। वाहनों में जीपीएस लगाए जाएंगे।
इस साल कहां से कितनी आय होगी, मुख्य आय के स्रोत
ग्रीन फीस शुरू होने से 10 करोड़ की आय
संपत्ति कर से 26 करोड़, बिजली सेस मिलेंगे एक करोड़ रुपये
सिनेमा घरों से शो टैक्स के 2.75 लाख, शराब सेस से तीन करोड़
दुकानों से पांच करोड़ तो पार्किंग से 2.50 करोड़ किराया
आजीविका भवन से 85.20 लाख रुपये किराया
शूटिंग से होगी एक करोड़ की आय
नक्शों, कंपाउंडिंग फीस से 4.50 करोड़
केंद्र, राज्य सरकार से 48 करोड़ की ग्रांट की उम्मीद
यहां जानिए किन मुख्य कामों पर कितना पैसा खर्च होगा
सड़क, रास्ते, सीढि़यां, डंगों का निर्माण एवं रखरखाव 23.60 करोड़ रुपये
स्ट्रीट लाइट एक करोड़ रुपये
भवनों, आवासों, शॉपिंग परिसर के निर्माण पर 28.40 करोड़ रुपये
पार्किंग के निर्माण और रखरखाव 5.20 करोड़ रुपये
नालों का तटीकरण, निर्माण 18.95 करोड़ रुपये
शौचालयों के निर्माण एवं रखरखाव 2.20 करोड़ रुपये
पार्क, खेल मैदान के निर्माण 3.60 करोड़ रुपये
शहर में डंपिंग साइट बनाने के लिए 1 करोड़ रुपये
सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट 14.15 करोड़ रुपये
नागरिक सुविधाएं 6 करोड़ रुपये
स्मार्ट सिटी के निर्माणकार्य 11.82 करोड़ रुपये
गरीबों के लिए आशियाने 14.78 करोड़ रुपये
ई-गर्वनेंस के लिए 1.97 करोड़ रुपये